मिनरल्स क्या होते है ? और ये क्यों जरूरी होते है?

अक्सर हमने सुना है की हमारे शरीर के लिए मिनरल्स बहुत ही जरूरी होते है लेकिन हम मिनरल्स के विषय में ज्यादा कुछ नहीं जानते और अज्ञानता के कारण हम स्वास्थ्य के प्रीति लापरवाही कर देते है। आज मैं इस पोस्ट के माध्यम से आपको मिनरल्स के विषय में सम्पूर्ण ज्ञान दूंगा जिससे आप मिनरल्स( खनिज) के लाभ तथा इसकी कमी से होने वाले रोगो के विषय में जान पाएंगे तथा आप जान पाएंगे की अपने शरीर के लिए मिनरल्स को कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है। मिनरल्स

मिनरल्स क्या होते है ?

मिनरल्स यानी खनिज के बिना हमारा शरीर त्वचा, मासपेशियो, ऊतकों और लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण नहीं कर पता है। यहाँ तक इनके बिना मस्तिष्क तक ऑक्सीजन भी नहीं पहुंच सकती है। मस्तिष्क और विभिन्न अंगो के बीच संदेशो का आदान प्रदान भी मिनरल्स की वजह से संभव हो पाता है। हमारा शरीर मिनरल्स का निर्माण नहीं कर सकता इसीलिए भोजन के माध्यम से इसकी पूर्ति करनी होती है।

दरअसल हमारा शरीर उन सभी पोषक तत्वों का निर्माण नहीं करता जिनकी हमारे शरीर को ठीक प्रकार से कार्ये करने के लिए आवश्कयता होती है। इसीलिए हम उन्हें अपने भोजन से प्राप्त करते है। पोषक तत्त्व दो प्रकार के होते है, मैक्रोन्यूट्रीएंट्स और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स। मैक्रोन्यूट्रीएंट्स में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और वसा आते है जबकि माइक्रो न्यूट्रिएंट्स में विटामिन्स और मिनरल्स आते है। हालाँकि विटामिन्स और मिनरल्स दोनों ही माइक्रो न्यूट्रिएंट्स है लेकिन दोनों ही एक दूसरे से बिलकुल अलग होते है। विटामिन्स आर्गेनिक होते है और ऊष्मा, वायु या एसिड के द्वारा टूट जाते है जबकि मिनरल्स in-organic होते है और अपनी रासायनिक संरचना बनाये रखते है। माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, को हिडन हंगर भी कहा जाता है।

क्यों जरूरी होते है हमारे लिए मिनरल्स?

मिनरल्स हमारे शरीर के कई कार्यो के लिए आवश्यक होता है। हड्डियों, दांतो, त्वचा, बालों, मासपेशियो को स्वस्थए और मजबूत बनाये रखने के लिए तथा रक्त और तंत्रिकाओं की सामान्य कार्येप्रणाली के लिए मिनरल्स बहुत जरूरी होते है। हम जिस भोजन का सेवन करते है वो मेटाबॉलिक प्रक्रिया द्वारा ऊर्जा में बदलता है तथा इस बदलाव के लिए हमे विभिन्न मिनरल्स की जरूरत होती है। समान्य शब्दो में कहे तो शरीर के विकास और ठीक प्रकार से कार्य करने के लिए मिनरल्स की बहुत आवश्यकता होती है।

चलिए अब हम विभिन्न प्रकार के खनिजों के विषय में जाने जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते है।

सोडियम

यह मिनरल्स का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। सोडियम रक्त के दवाब को बनाये रखता है। रक्त का सही दवाब माशपेशियों और तंत्रिकाओं के सही कार्य करने हेतु बहुत जरूरी है।

सोडियम को सबसे आसानी से साधारण नमक से प्राप्त किया जा सकता है दूध और शलजम में भी इसकी थोड़ी मात्रा पायी जाती है।

सोडियम की कमी से थकान अधिक होती है। जी मिचलाना, मांसपेशियों में ऐंठन और मानसिक असंतुलन की समस्या हो जाती है। इसकी अधिकता से उच्च रक्त और ह्रदय से संबंधित बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।

ये महिलाओं को 1300 मिली ग्राम प्रतिदिन व पुरुषों को 1500 मिलीग्राम प्रतिदिन लेना चाहिए।

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पोटैशियम

पोटैशियम एक इलेक्ट्रोलाइट है और रक्त के प्रवाह में तुरंत अवशोषित हो जाता है। हृदय को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली में भी पोटैशियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पोटैशियम तंत्रिकाओं या मांसपेशियों के ठीक प्रकार से कार्य करने के लिए जरूरी है। ये मिनरल्स का ही जरूरी हिस्सा है। 
इसे हम केला, टमाटर, आलू, शकरकंदी, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, खट्टे फल जैसे संतरा, कम वसा वाला दूध और दही तथा फलियों से प्राप्त कर सकते है ।  
इसकी कमी और अधिकता से होने वाली समस्याएं निम्न है : पोटैशियम की कमी से थकान बहुत होती है और हृदय की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं। इसकी अधिकता उच्च रक्तदाब का कारण बन सकती है। 
प्रतिदिन ली जाने वाली मात्रा : 2,000 मिली ग्राम पोटैशियम प्रतिदिन लेना चाहिए।

जानिए विटामिन्स से होने वाले फायदे एवं नुकसान।

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम ऊर्जा उत्पादन में योगदान देता है, एंजाइम्स को उद्दीप्त करता है और कैल्शियम के स्तर को दुरुस्त रखता है।
यह साबुत अनाज, अखरोट, काजू, बादाम और पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है।
इसकी कमी और अधिकता से होने वाली समस्याएं: मैग्नीशियम का निम्न स्तर उच्च रक्तदाब और हृदय रोगों का कारण बन सकता है।  
यह महिला और पुरुष दोनों को 10-12 मिली ग्राम प्रतिदिन लेना चाहिए।

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आयरन

यह हीमोग्लोबिन का अभिन्न भाग है, जो लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाता है। लाल रक्त कणिकाएं आपके शरीर के ऊतकों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराती है। 
आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों में अंडे, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां और सूखे मेवे सम्मिलित हैं।
इसकी कमी और अधिकता से होने वाली समस्याएं: आयरन की कमी से एनीमिया हो जाता है। अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसकी अधिकता हृदय को बीमार बना सकती है।
yeh महिलाओं को 12 मिलीग्राम प्रतिदिन और पुरुषों को 8 मिलीग्राम प्रतिदिन लेना चाहिए।

कैल्शियम

कैल्शियम हमारे शरीर में सबसे अधिक पाया जाने वाला मिनरल है। और यह सभी मिनरल्स में महत्वपूर्ण है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में भी सहायता करता है। मांसपेशियों के संकुचन और तंत्रिकीय संवेदनाओं के आदान-प्रदान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रक्त नलिकाओं को सिकुड़ने और फैलने के लिए भी कैल्शियम की आवश्यकता होती है।

कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। इसकी अधिकता के कारण बेचैनी, रक्तदाब अधिक होना और पथरी की समस्या हो जाती है। 
yeh महिलाओं के लिए प्रतिदिन 1,000 मिलीग्राम और पुरुषों के लिए प्रतिदिन 1,200 मिलीग्राम जरूरी है।

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